देहरादून(हिल न्यूज़ लाइव): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज में स्थापित एचपीवी टीकाकरण कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा एचपीवी टीकाकरण हेतु आई 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं से वार्ता की। साथ ही, उन्हें इस टीके के लाभ के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अभियान स्वास्थ्य कार्यक्रम होने के साथ मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण के इस अभियान की शुरुआत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सिद्ध कर दिया है कि उनके लिए नारी सम्मान और सुरक्षा केवल नारा नहीं, बल्कि अटल संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर मातृशक्ति के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। भारत में वर्ष 2024 में ही इस गंभीर बीमारी से संबंधित 78 हजार से अधिक मामले सामने आए, जिसके कारण 42 हजार से अधिक महिलाओं की दुःखद मृत्यु हुई। यह बीमारी हजारों परिवारों के लिए पीड़ा का कारण बन रही है। इसी गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया, ताकि इस बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके और आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के अजमेर से प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए इस अभियान के अंतर्गत देशभर में 14 वर्ष की लगभग 1 करोड़ 15 लाख से अधिक किशोरियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में भी इस अभियान के प्रथम चरण में 155 केंद्रों पर व्यापक स्तर पर टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अभियान की सफलता के लिए डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है ताकि कोल्ड-चेन व्यवस्था मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी फ्रंटलाइन हेल्थ वॉरियर्स का आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है और उसे प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा है। देश में स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। पहले जहाँ देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, आज वे बढ़कर 819 हो गए हैं। आज मेडिकल छात्रों की संख्या में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में 23 नए एम्स बनाकर देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और यूरोलॉजी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। राज्य में हेली एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की गई है ।
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